DM प्रशांत आर्य और विधायक संजय डोभाल का रवांई के पुरखों के बलिदान को नमन, स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया याद 
बड़कोट uttarkashi,, धूमधाम से मनाया गया 96वां तिलाड़ी शहीद दिवस। विधायक संजय डोभाल, डीएम प्रशांत आर्य ने शहीद स्थल पहुंचकर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। राजशाही से अपने हक हकूक और जनाधिकार आंदोलन के अमर शहीदों की स्मृति में शनिवार को तिलाड़ी शहीद स्थल पर शहीद दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य एवं विधायक संजय डोभाल ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने हक-हकूकों की लड़ाई में प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को नमन किया।
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल और पार्षदों ने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि तिलाड़ी कांड उत्तराखंड के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। जिसने जनाधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि किसी भी घटना या विवाद को रोकने के लिए संवाद सबसे जरूरी माध्यम है। पूर्व में चाहे राजा-प्रजा का दौर रहा हो या वर्तमान में सरकार और जनता का समय हो किसी भी समस्या के समाधान के लिए आपसी बातचीत बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संवाद कभी भी टूटना नहीं चाहिए,क्योंकि संवाद की कमी और आपसी तालमेल के अभाव से ही जनांदोलन खड़े होते हैं। डीएम ने कहा कि तिलाड़ी का इतिहास हमारे पुरखों के अदम्य साहस,त्याग और बलिदान का प्रतीक है। अपने जंगलात के अधिकारों की रक्षा के लिए जिस तरह यहां के लोगों ने क्रूर शाही हुकूमत के खिलाफ लोहा लिया वह इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने कहा कि तिलाड़ी कांड के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। देश और प्रदेश के विकास में रंवाई क्षेत्र का ऐतिहासिक योगदान रहा है। नई पीढ़ी को अपने इन महान शहीदों के संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारी कोशिश होगी कि इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा के अनुरूप यहां मूलभूत सुविधाओं और पर्यटन की दृष्टि से और बेहतर कार्य किए जाएं।
ये रहे उपस्थित
राज्यमंत्री (उपाध्यक्ष ओबीसी आयोग) श्याम डोभाल, पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल (कुतरू) प्रताप सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, नारायण सिंह चौहान, कपिल देव रावत, अजबीन पंवार, परशुराम जगूड़ी, शांति प्रसाद बेलवाल, मुकेश टम्टा तहसीलदार रेनू सैनी, ईओ उमेश सुयाल, इंस्पेक्टर सुभाष चन्द्र सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारीगण और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।



