नौगांव uttarkashi,, नौगांव CHC की बदहाली को लेकर अस्पताल के बाहर स्थानीय लोगों ने किया सांकेतिक धरना/प्रदर्शन। शासन/प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप। 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
सोमवार को नौगांव विकासखंड के लोगों ने अपने तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल रोड पर एकत्र हुए। उसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव की अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते रैली निकाल अस्पताल के सामने सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों पर लिखे स्लोगन “नहीं किसी से भीख मांगते, हम अपना अधिकार मांगते, भाजपा सरकार मुर्दाबाद, जो नहीं है साथ में चूड़ियां पहनो हाथ, चाहे जो मजबूरी हो, हमारी मांगे पूरी हो कर अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका का कहना है कि यह अस्पताल कभी रवांई घाटी की लाइफ लाइन हुआ करता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में शासन/प्रशासन की अनदेखी के कारण रैफर सेंटर बन के रह गया है। जिससे लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। कहा नौगांव के जो नेता हैं, वह केवल निधियों/ठेकों तक सीमित हैं। उनका जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। जिससे अस्पताल की ये हालत बनी है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वर्तमान सीएमओ dr bs rawat भी इसी क्षेत्र के रहने वाले हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी है। मामले की गंभीरता देख प्रशासन की तरफ से तहसीलदार रेनू सैनी मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने को लेकर आश्वासन दिया है। तब जाकर धरना समाप्त हुआ। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा है। साथ ही 15 दिनों के भीतर व्यवस्था न सुधरने पर आंदोलन को उग्र करने को चेतावनी दी है। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन/प्रशासन की रहेगी।
मानकों को दर किनार कर चल रहा अस्पताल
मानक के अनुसार CHC/PHC केंद्र में फिजीशियन, चाइल्ड स्पेस्लिस्ट और गाइनों के तैनाती की प्रमुखता होती है। लेकिन यहां न तो कोई शिशु रोग विशेषज्ञ ना ही महिला/प्रसूति रोग विशेषज्ञ है। जिससे गर्भवतियों/बच्चों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। जिससे अब तक कई लोग अपनी जान भी गवां चुके हैं।
प्रमुख मांगे
सभी प्रकार के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड, एक्स –रे की सुविधा, जरूरी दवाइयों की उपलब्धता, कोविड में बने ऑक्सीजन प्लांट का नियमित संचालन, ब्लड बैंक, खाली पड़े चिकित्सकीय/पैरा मेडिकल स्टाफ भरने आदि।
ये रहे उपस्थित
राज्य आंदोलनकारी वासुदेव डिमरी, राजेंद्र सेमवाल, विजयपाल रावत, बृजमोहन रावत, प्रकाश चंद, अनुज रावत (अन्ना),जय प्रकाश इंदवान, रमेश लाल, महावीर पंवार, संजय नौटियाल, आनंद परमार, विपिन रावत, प्रदीप रावत, संदीप डोभाल, प्रदीप रावत, सचिन कुमार, सुशील सेमवाल, सुशील राणा, प्रताप सजवाण, मनबीर वर्तवाल, प्रताप, प्रवीण राणा, सुनील राणा, शैलेन्द्र कुमार, भागीरथ लाल, विपिन कुमार, दीपक धीमान, प्रवीण चौहान, खजान चौहान, अंकित रावत, राहुल परमार, दीपक रावत, भाजपा पार्षद लता नौटियाल, राजुली बत्रा, मीरा, शीतल रावत, आस्था, बिना, भारती अग्रवाल और थानाध्यक्ष दीपक कठैत, चौकी इंचार्ज भूपेंद्र रावत सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।



