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ओजरी लैंड फ्रॉड मामला : कम नहीं हो रही भाजपा नेता मालचंद और जशोदा राणा की मुश्किलें, प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद अब IG गढ़वाल को जांच के निर्देश 

बड़कोट/पुरोला/Dehradun,, उत्तरकाशी जिले के बड़कोट क्षेत्र के ओजरी में भूमि हस्तांतरण मामला बड़ी सुर्खियों में है। प्रशासनिक जांच में इसकी पुष्टि भी हुई है। पूर्व विधायक भाजपा नेता मालचंद तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा नेत्री जसोदा राणा ने कथित तौर पर अपने हिस्से से अधिक जमीन बेच दी थी। इस धोखाधड़ी के मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने पूरी जांच रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर को भेजी थी। उसके बाद मामले का खुलासा करने के लिए कमिश्नर ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल परिक्षेत्र को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए है। जो अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर गढ़वाल कमिश्नर को सौंपेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में आएगी। जांच रिपोर्ट देने का समय 1 महीना भी पूरा होने को है। अब देखना होगा कि मामला मे क्या फैसला आता है।

ज्ञातव्य हो कि उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट क्षेत्र से जुड़ा भूमि हस्तांतरण मामला अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है। प्रशासनिक जांच में जमीन बिक्री के दौरान कथित धोखाधड़ी सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अब पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं।

आपको बताते चलें कि देहरादून निवासी महिला शशि नेस्ले प्रीटोरियस द्वारा की गई शिकायत के बाद यह मामला खुला था। महिला का आरोप था कि ओजरी स्थित दया बैंड क्षेत्र में मौजूद उनकी जमीन को उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बेच दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई।

जांच में बड़ा खुलासा पूर्व विधायक मालचंद और जशोदा पर हिस्से से ज्यादा जमीन बेचने का आरोप

प्रशासनिक जांच के दौरान सामने आया कि पूर्व विधायक मालचंद और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा पर अपने हिस्से से अधिक भूमि बेचने के आरोप लगे हैं। 4 अप्रैल 2026 को तैयार की गई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से जमीन बिक्री में कथित धोखाधड़ी की बात कही गई है। साथ ही मामले की तह तक पहुंचने के लिए एसडीएम बड़कोट को जिला शासकीय अधिवक्ता से कानूनी राय लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड बड़कोट के अधिशासी अभियंता और तहसील प्रशासन से जमीन बिक्री, नामांतरण और हस्तांतरण से जुड़े तमाम दस्तावेज तलब किए गए।

आईजी गढ़वाल को जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को दी है। उसके बाद गढ़वाल कमिश्नर ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल परिक्षेत्र को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस जांच में प्रशासन को पूर्ण सहयोग के निर्देश

एसडीएम बड़कोट को निर्देश दिए गए हैं कि पुलिस जांच के दौरान मांगे जाने वाले सभी अभिलेख, दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएं ताकि जांच पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।

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