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“कलियुग में भगवान नाम एवं कथा श्रवण से ही मिल सकती है मानसिक शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति“: राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेशाचार्य

  • तहसील बड़कोट के नन्दगांव में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

बड़कोट uttarkashi,, तहसील बड़कोट के नन्दगांव में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ। गुलेरिया परिवार द्वारा किया जा रहा है आयोजन। कथा वाचक राष्ट्रीय संत ब्रह्मऋषि राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज 3 जून तक कराएंगे कथा का रसपान।

यमुनाघाटी के ग्राम नन्दगांव में वीरवार को भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
कार्यक्रम का शुभारंभ गांव की महिलाओं एवं श्रद्धालुओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों एवं जयघोषों के साथ गांव की परिक्रमा कर धर्ममय वातावरण का संचार किया।

कथा के प्रथम दिवस पर परम पूज्य सद्गुरु ब्रह्मऋषि राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम एवं कथा श्रवण से ही मनुष्य को मानसिक शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति संभव है। कथा व्यास ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को सत्संग, सेवा एवं संस्कारों से जुड़ने का संदेश दिया। कथा श्रवण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए। आयोजकों ने बताया कि कथा का प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से यूट्यूब चैनल “हर हर गंगे डॉ. दुर्गेश आचार्य” पर सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे देश-विदेश में रह रहे श्रद्धालु भी कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। कथा व्यास के मीडिया प्रभारी पंडित कृष्ण बालक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा के सफल संचालन एवं सीधा प्रसारण में गंगा विश्व शांति सद्भावना धाम उत्तरकाशी हिमालय, एयरपोर्ट देहरादून उत्तराखंड, प्रेम मंदिर ठाढ़ी दुलमपुर तथा जगदम्बा कॉलोनी देवघर झारखंड कर रहे हैं।

कथा आयोजक गुलेरिया परिवार ग्राम नन्दगांव (बड़कोट), उत्तरकाशी ने समस्त क्षेत्रवासियों से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित करने एवं सनातन संस्कृति के इस पावन आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है।

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