पुरोला uttarkashi,, पृथक जिले की मांग को लेकर आज खेल मैदान में महापंचायत आयोजित। सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लेकर ‘रवांई पृथक जिला’ बनाने की एक बार फिर भरी हुंकार। पृथक जिला बनाने के एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यमुनाघाटी के लोगों को अगर जिले में कुछ भी काम पड़ा तो दो दिन लग जाते हैं। डीएम का आना भी ना के बराबर ही होता है। जिससे गरीब लोगों को भारी परेशानियां उठनी पड़ती है। महापंचायत के दौरान रवांई जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया।
रवांई को पृथक जिला बनाने की मांग एक बार फिर उठने लगी है। जिसको लेकर शुक्रवार को खेल मैदान में युवा नेता प्रकाश कुमार के आव्हान पर महापंचायत बुलाई है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले मोरी, पुरोला नौगांव के लोग पिछले काफी समय से पृथक जिले की मांग कर रहे हैं लेकिन अलग राज्य बनने के बाद की भाजपा/कांग्रेस की सरकारों द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। इस अनदेखी से नाराज रवांई की आवाम ने अब अलग जिला बनाने के लिए एक बार फिर हुंकार भरी है। लोगों ने खेल मैदान से गाजे/बाजे के साथ रैली निकालकर बाजार से होते तहसील तक पृथक जिला बनाओ के नारे लगाए। उसके बाद SDM मुकेश चंद रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही 30 मार्च तक उचित कार्रवाई अमल में न लाने पर तहसील में धरना/प्रदर्शन को चेताया है।
रवांई जिला बनाओ समिति
- संरक्षक : विजेंद्र सिंह रावत
- संयोजक : प्रकाश कुमार डबराल
- जिलाध्यक्ष : बलदेव असवाल
- महासचिव : गंभीर चौहान
- उपाध्यक्ष : धनवीर नेगी, जयेंद्र नेगी, अंकित पंवार
- कोषाध्यक्ष : उपेंद्र सिंह राणा
- ब्लॉक अध्यक्ष : गोपाल चौहान मोरी, जगवीर रावत नौगांव और लाइबर सिंह नेगी पुरोला
आपको बताते चलें कि रवांई को पृथक जिला बनाने की मांग टिहरी गढ़वाल जिले से उत्तरकाशी को (1960) अलग जनपद बनाया गया तब से ही लगातार उठती चली आ रही है। पृथक जिलों की मांग को अमलीजामा पहनाने की जहमत सन 2010 में भाजपा सीएम रमेश निशंक पोखरियाल ने उठाई थी। लेकिन जिलों के नाम बदलने को लेकर राज्य में धरने/प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसके बाद मामला तब से लेकर अब तक ठंडे बस्ते में पड़ा है।



