बड़कोट uttarkashi,, स्याना चट्टी में बनी झील के लिए पीड़ितों ने शासन/प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। आक्रोशित लोगों ने आज झील में डूबे यमुनोत्री पुल के पास खड़ा होकर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। पीड़ितों के आक्रमक रुख को देखकर प्रशासन के कुछ देर के लिए हाथ पैर फूल गए।
शुक्रवार को झील का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक, डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष को आक्रोशित ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने आज झील में डूबे यमुनोत्री पुल के पास खड़ा होकर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थिति को गंभीर देखते विधायक संजय डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान और डीएम प्रशांत आर्य ने NDRF की राफ्टिंग वोट से दूसरी छोर पहुंचकर पीड़ितों से वार्ता की। साथ ही जल्द स्थिति को सामान्य करने और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। जिसके बाद पीड़ित झील से बाहर आए। पीड़ितों का कहना है कि प्रशासन/सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने समय रहते उक्त स्थान से मलबा हटवाया हुआ होता तो आज जलथल वाली स्थिति नहीं बनती। झील बनने के बाद हमारा का करोड़ों का नुकसान हुआ है। जिसकी सरकार को सम्पूर्ण भरपाई करनी होगी। झील के एक हिस्से को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग 3 फूट तक कमी आई है।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र चौहान, पूर्व विधायक मालचंद, जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, पूर्व जिला महामंत्री पवन नौटियाल सहित अन्य भाजपाई रहे।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को स्याना चट्टी में बनी झील से जल निकासी के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए चैनेलाइजेशन करने के लिए समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ।