Uttarkashiदेहरादूनराजनीतिशिक्षा

‘सरूताल बुग्याल पत्रिका’ का सीएम धामी ने किया विमोचन

(पुरोला) Dehradun,, जनपद उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र सर बडियार क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरूताल पर्यटन समिति के अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत अपनी शोधकर्ता टीम के साथ सरूताल बुग्याल पत्रिका का विमोचन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कर-कमलों से “सरूताल बुग्याल” पत्रिका का विधिवत विमोचन किया। यह पत्रिका सरगांव से सरूताल बुग्याल ट्रैक मार्ग पर आधारित है, जिसमें हिमालय की विविध वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक सौंदर्य, रमणीक स्थलों और हिमालयी शिखरों का अत्यंत भावपूर्ण एवं शोधपरक चित्रण किया गया है। शोधकर्ताओं द्वारा इस खूबसूरत ट्रैक मार्ग का विस्तृत और आकर्षक वर्णन किया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों और पर्वतारोहण के शौकीनों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सरूताल बुग्याल ट्रैक मार्ग को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर अंकित करने का आग्रह किया, ताकि देश-विदेश से अधिक से अधिक पर्यटक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हों। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

ये रहे उपस्थित : पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, सरूताल पर्यटन समिति के अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत, पुरोला ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष बद्री प्रसाद नौडियाल, शीशपाल रावत, MS बोरा, अमित नौडियाल सहित अन्य गणमान्य लोग रहे।

पुरोला जिला बनाने को लेकर विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को सौंपा मांग पत्र

विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात की । प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रवाई घाटी की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर पुरोला को जिला बनाने के संबंध में मांगपत्र सौंपा।

ज्ञापन में निवेदन किया गया कि जनपद उत्तरकाशी का पुरोला क्षेत्र भौगोलिक, प्रशासनिक एवं जनसंख्या की दृष्टि से अत्यंत विस्तृत एवं दुर्गम है। इस क्षेत्र के नागरिक पिछले कई वर्षों से पुरोला को पृथक जिला घोषित किए जाने की मांग निरंतर करते आ रहे हैं, किंतु यह मांग आज तक लंबित है। पुरोला क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों अत्यंत कठिन हैं। जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण आम जनमानस को प्रशासनिक कार्यों, न्यायिक प्रक्रियाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य शासकीय सुविधाओं के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पृथक जिला बनने से न केवल प्रशासनिक सुगमता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा मिलेगी। पुरोला को जिला घोषित किए जाने से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह निर्णय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button