कैबिनेट के निर्णय
वित्त विभाग जिसमें परिक्योरमेंट नियमावली को मिली मंजूरी, भारत सरकार के निर्देश पर हुआ फैसला, स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वदेशी की भावना को लेकर लिया गया फैसला 5 करोड़ तक के काम को 10 करोड़ कर दिया गया है, जिसमें स्थानीय लोगों को राहत रहेगी।
स्वयं सहायता समूह के लिए 5 लाख तक के काम दिए जा सकते थे। कई खरीदी भी गुणवत्ता के हिसाब से ही होगी। कोई भी टेंडर मे अब ऑनलाइन ही प्रक्रिया होगी, EMD भी अब फिजिकल फॉर्म में नहीं देनी पड़ेगी।
पड़ोसी देशों से खरीदने के लिए सतर्कता बरतनी है।उद्योग के लिए पॉलिसी बनाई गई न्यूनतम स्थाई रोजगार की भी व्यवस्था की गई है लर्ज, ultra लर्ज, मेगा और ultra मेगा के रूप मे उद्योग वर्गीकृत किए गए हैं। सब्सिडी 10,12 15,और 20 प्रतिशत क्रमशः सब्सिडी दी जाएगी। पहाड़ी इलाकों मे 1 प्रतिशत ज्यादा मिलेगी सब्सिडी।
गृह विभाग के अनुसार उत्तराखंड विष और कब्जा नियमावली मिथाइल अल्कोहल को विष के रूप में बताया गया।
लेखाकार के पदों को लेकर नियमावली में संशोधन
राज्य बाढ़ सुरक्षा का वार्षिक प्रतियावेदन स्वीकृत हुआ।
राजकीय लिपिक कर्मचारी नियमावली को मंजूरी
निकायों मे नहीं मिलेगा उद्योग लगाने पर सब्सिडी का लाभ।
कृषि कल्याण विभाग मे चाय विकास विभाग मे 11 अतिरिक्त पद स्वीकृति।
दो मुख्य मेडिकल कॉलेज देहरादून और हल्द्वानी मे तिमारदारों के लिए डॉर्मेटरी बनाई जाएगी और खाने की भी व्यवस्था होगी।
अटल आयुष्मान योजना के तहत पुराने बैकलॉग 75 करोड़ रूपए पहले चरण मे दिए जाएंगे ताकि निजी अस्पतालो को भुगतान किया जा सके।
उत्तराखंड योगा नीति को मंजूरी। पहाड़ी इलाकों मे योगा हब बनाने के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी, योग ध्यान के मामलों मे भी सब्सिडी की व्यवस्था होगी।