Uttatkashi,, एप्पल मिशन का लाभ केवल सम्पन्न किसानों को, छोटे/गरीब किसानों के पास शुरुआती निवेश के लिए धन उपलब्ध न होने के कारण इन योजनाओं से वंचित हैं। यह सारा खेल उद्यान विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। जमीनी हकीकत बहुत कुछ कर रही है बयां? सरकारी धन का हो रहा दुरुपयोग। प्रधान ने एप्पल मिशनों के जांच की मांग केंद्र/राज्य सरकार से की है।
जनपद उत्तरकाशी के तहसील मोरी के डोभाल गांव की युवा महिला प्रधान महेंद्री पंवार ने अपने लेटर पर छोटे/गरीब किसानों की पीड़ा को देखते केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र भेजा है। पत्र के अनुसार जायका एवं एप्पल मिशन जैसी योजनाओं में सब्सिडी की व्यवस्था ऐसी है कि इसका लाभ केवल साधनों से संपन्न किसान ही उठा पा रहे हैं। छोटे किसानो के पास शुरूआती निवेश हेतु धन उपलब्ध न होने के कारण वे इन योजनाओं से वंचित हैं। इन्होंने बड़े मिशनों का लाभ छोटे किसानों के लिए सब्सिडी 100 प्रतिशत किया जाए, ताकि गरीब किसान भी इसका लाभ ले सके। इन मिशनों की जमीनी हकीकत देखी जाए तो कई FPO सरकारी बजट आने पर ही सक्रिय होते हैं। उद्यान विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और वास्तविक किसान के हिस्से का लाभ उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इन योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रह कर धरातल पर उतरे। यदि छोटे किसानो को शत प्रतिशत सहायता मिलती है, तो निश्चित ही पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रुकेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
जिले के उद्यान अधिकारियों पर योजनाओं में धांधली/न्याय पंचायत नानई की उपेक्षा का आरोप
न्याय पंचायत नानई की उपेक्षा अत्यंत खेद का विषय है, कि हमारी पूरी न्याय पंचायत नानई पिछले दो वर्षों से जायका और एप्पल मिशन (उद्यान विभाग) की सभी योजनाओं से पूरी तरह वंचित है। विभाग द्वारा इस क्षेत्र की निरंतर अनदेखी की जा रही है। तब से लोग चिन्हित खेतों में न खेती बाड़ी कर रहे हैं। जिससे उनको भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।



